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Bhishma Pitamah Death Bed Conversation with Lord Krishna

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 *भीष्म चुप रहे , कुछ क्षण बाद बोले," पुत्र युधिष्ठिर का राज्याभिषेक करा चुके केशव ... ?* *उनका ध्यान रखना , परिवार के बुजुर्गों से रिक्त हो चुके राजप्रासाद में उन्हें अब सबसे अधिक तुम्हारी ही आवश्यकता है" .... !* *कृष्ण चुप रहे .... !* *भीष्म ने पुनः कहा ,  "कुछ पूछूँ केशव .... ?* *बड़े अच्छे समय से आये हो .... !* *सम्भवतः धरा छोड़ने के पूर्व मेरे अनेक भ्रम समाप्त हो जाँय " .... !!* *कृष्ण बोले - कहिये न पितामह ....!* *एक बात बताओ प्रभु !  तुम तो ईश्वर हो न .... ?* *कृष्ण ने बीच में ही टोका ,  "नहीं पितामह ! मैं ईश्वर नहीं ...  मैं तो आपका पौत्र हूँ पितामह ... ईश्वर नहीं ...."* *भीष्म उस घोर पीड़ा में भी ठठा के हँस पड़े .... !  बोले , " अपने जीवन का स्वयं कभी आकलन नहीं कर पाया कृष्ण , सो नहीं जानता कि अच्छा रहा या बुरा , पर अब तो इस धरा से जा रहा हूँ कन्हैया , अब तो ठगना छोड़ दे रे .... !! "* *कृष्ण जाने क्यों भीष्म के पास सरक आये और उनका हाथ पकड़ कर बोले ....  " कहिये पितामह .... !"* *भीष्म बोले , "एक बात बताओ कन्हैया !  इस युद्ध में ज...

Christian Faith Healing or Fooling?

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HOW RAJIV DIXIT EXPOSED A MISSIONARY आप में से शायद कई लोगों ने *#बेनी_हिन* का नाम पहले कभी नहीं सुना होगा, क्यूँकि हम अधिकतर वही सुनना और देखना पसंद करते हैं जो हमें दिखाया जाता है। उसके आगे न हम देखना चाहते हैं और न हमें उससे कुछ मतलब है...अपनी जिन्दगी चलती रहे। हमें PK दिखाई गई,  हमें ‘ओह माय गॉड’ दिखाई गईं,  हम खुश रहें और हमने इन पिक्चरों को सुपरहिट भी बना दिया। 1995-1996 के समय भारत में #Faith_Healing के नाम पर दो बड़े शहर दिल्ली और बेंगलोर में एक अनूठे शो का आयोजन किया गया । आयोजन भी कोई छोटा-मोटा नहीं, बेंगलोर सहित कर्नाटक में तत्कालीन मुख्यमंत्री #देवेगौड़ा की सरकार ने तथा दिल्ली में तत्कालीन  सरकार ने इसका जबरदस्त प्रचार-प्रसार किया। शो में Faith-Healer के रूप में जीसस के दूत- बेनी हिन आया और मंच पर कई-कई गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को बेनी हिन ने हाथ रखते से ही एकदम ठीक कर दिया। बंगलोर के शो में तो कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री देवगौडा बेनी हिन के पैरों में गिर गया था । कई मरीज स्टेज पर आये, किसी को ब्लड कैंसर था, किसी को आर्थराइटिस था, कोई जन्म से ही विकल...

The Reality of Farmer's Agitation

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 *आज तक में चुप बैठा था क्योंकि किसान आंदोलन के पीछे की इस सच्चाई को बताता तो भी कौन मान सकता था...मेरे अपने ही कई मित्र साथी नहीं मानने को तैयार थे, लेकिन आज सुबह से फोन कर रह हैं भाई आप सही कह रहे थे, खैर समय आ गया है आप भी जानिए...* 1. कई साल से हम लोग इंपोर्टेड दाल Lentil Daal खा रहे थे। आज से करीब 2 साल पहले मोदी ने इस पर रोक लगानी शुरू कर दी, और अब इसे पूरी तरह से बंद करवा दिया।  *कृषि बिल तो बहाना था*,  असली किस्सा कुछ यूं है। *2005 में मौनी बाबा मनमोहन सिंह ने दाल पर दी जा रही सब्सिडी को खत्म कर दिया और कुछ समय बाद ही खांग्रेस सरकार ने नीदरलैंड ऑस्ट्रेलिया और कनाडा से समझौता कर दाल आयात करना शुरू कर दिया। कनाडा ने अपने यहां लेंटील दाल के बड़े-बड़े फार्म स्थापित किए जिसकी जिम्मेदारी वहां रह रहे पंजाबी सिखों के हवाले कर दी गई।* और देखते ही देखते कनाडा से भारत में बड़े पैमाने पर दाल आयात होने लगा।  इन बड़े *आयातकों में अमरिंदर सिंह, और कमलनाथ जैसे कांग्रेसी भी थे। बादल भी, क्योंकि इनका राष्ट्र धर्म सिर्फ पैसा है, जैसे ही मोदी ने आयात पर रोक लगाई इनका खेल शुरू हु...

Modi, CAA and Farmers Protests

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शक्की होना उतनी बुरी बात नहीं है और न ही आक्रामक होना बुरी बात है. लेकिन, इन दोनों का कॉम्बिनेशन बेहद खतरनाक होता है...!मतलब कि कोई शक्की भी हो और आक्रामक भी हो. इस संबंध में एक कहानी बताना चाहूँगा...! एक घर में एक बेहद ही छोटा परिवार रहता था... मतलब कि सिर्फ पति , पत्नी और एक 5-6 साल का बच्चा. पति एक सामान्य पुरुष जैसा ही था जबकि पत्नी बेहद शक्की और आक्रामक स्वभाव की थी. और, उसे हमेशा ऐसा लगता रहता था कि उसके पति का किसी से कोई अफेयर चल रहा है जबकि हकीकतन ऐसा कुछ भी नहीं था और पति बेहद शालीन व्यक्ति था. खैर, एक दिन पति ऑफिस गया हुआ था और पत्नी मार्केट. मार्केट से पत्नी लगभग 2-3 बजे लौट आई और घर का लॉक खोल कर जैसे ही घर के अंदर गई तो उसे शू केस के पास किसी महिला के सैंडिल दिखाई दिए. सैंडिल देखते ही उसके मन में शक का कीड़ा कुलबुलाने लगा.और, चुपके से पूरे घर में उस सैंडिल वाली महिला को खोजने लगी.खोजते-खोजते जब वो महिला बैडरूम में गई तो... वहाँ उसे दो लोग सोए हुए दिखाई दिए. चूंकि, वे दोनों कंबल ओढ़ के सो रहे थे इसीलिए ये उनका मुँह या शरीर तो नहीं देख पाई लेकिन.... कंबल के नीचे से उसे दो जोड़...

WHY KHALISTAN MOVEMENT WAS STARTED IN PUNJAB.

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As stated by one of my Professor, Who was a member of Dr. Swaminathan's Team Before the coming of Green Revolution India was dependent on import of food grains to feed its citizens. Before the coming of Green Revolution India was dependent on import of food grains to feed its citizens. These imports particularly use to be from US. This was a big blackmailing factor in US hands which that time was friendlier with Pakistan. This dependence on West for food grains was a big hurdle for India to excercise it's foreign policy independently. The then PM discussed the matter with a group of Indian  scientists, Dr. Swaminathan(Father of Green Revolution) being one of them. Dr. Swaminathan & his team were entrusted with the job to research & by any means increase the food grain production. Dr. Swaminathan started his research from Punjab, which at that time was the foremost producer of wheat. The scientists found out that there was nothing wrong with the seed & soil but the s...

धर्म निरपेक्षता Secularism - धर्मनिरपेक्षता कायरों का मत है।

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   हिंदुओं को 2 पक्षियों के उदाहरण से सीखने की जरूरत है । Lets understand Secularism by examples 1:- पक्षी नंबर वन डोडो । डोडो पक्षी मॉरीशस और हिंद महासागर के कुछ अन्य दीप जैसे मेडागास्कर में पाया जाता था । इन द्वीपों पर पहले इंसानी आबादी नहीं थी । पक्षी आराम से इन द्वीपों पर रहते थे और चूंकि इन द्वीपो पर इनका शिकार करने वाला कोई अन्य जीव-जंतु नहीं था इसलिए यह पीढ़ी दर पीढ़ी अपनी रक्षात्मकता और अपनी आक्रामकता भूल चुके थे।क्योंकि इन्हें इन द्वीपों पर भरपूर खाना मिलता था इसलिए यह आराम से इन द्वीपो पर रहते थे। इन्हें तेज भागना नहीं पड़ता था। दौड़ना या दौड़ाना नहीं पड़ता था। उड़ना नहीं पड़ता था। इसलिए धीरे-धीरे इनके टांगों की हड्डियां कमजोर हो गई। 16 वीं शताब्दी के शुरू में मॉरीशस पर डच लोग गए और डच लोग हैरान रह गए कि इस पक्षी को मनुष्य बड़े आराम से पकड़ लेता था फिर डच लोगों ने इनका शिकार करना शुरू कर दिया। क्योंकी डच लोग अपने साथ कुत्ते चूहे इत्यादि लेकर गए थे धीरे-धीरे कुत्तों ने भी इनका शिकार करना शुरू कर दिया और चूहों ने इनके अंडे वगैरह खाने शुरू कर दिए। डोडो पक्षी बिल...

2 lakh Muslim children disappeared overnight

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When the dreadful truth came to the light, even Modi was surprised to see it! Devendra Gupta, Advocate High Court Prayagraj writes these findings. Recently, former V.O. Hamid Ansari said that there is a feeling of restlessness and insecurity among the Muslims of the country. A very sensational news coming out just now has proved why people like Hamid Ansari have a feeling of insecurity. It is reported that about 2 lakh Muslim children studying in Madrasas in Uttarakhand have disappeared overnight. Knowing the whole news, the ground will slip under your feet too. In fact, for the last 50-60 years, children studying in Madrasas were being given scholarships by the Government every month. But as soon as the Uttarakhand government asked to link the bank accounts of these children with the AADHAAR number, 1,95,360 children disappeared instantly. How? Till now, in the name of these non-existent students, the government was distributing scholarships of about Rs 14.5 crores every year, only in...

Lebanon destroyed by Islamic Radicals - Why we need CAA & NRC?

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Lebanon before and after the blast. By Seshan Iyer Why CAA and NRC are the last chance for India’s existence ~ please read carefully Lebanon – a glaring example of what can go wrong In the 1970’s,  Lebanon was called ‘Paradise’  and its  capital Beirut  was the ‘Paris of the East’. The  Lebanese Christians are some of the oldest Christians in the world, preceded only by the oriental Orthodox of Armenia and Copts of Egypt. Lebanon was a progressive, tolerant and multi-cultural society, just like India is today. Lebanon had some of the best Universities in Middle East, where children from all over Arabia used to come to study. And then they used to stay there & work. Lebanese banking was one of the best banking systems in the world. Despite not having oil, Lebanon had a great economy. The Lebanese society’s progressiveness can be gauged from the 60s Hindi film  “An Evening in Paris”,  which was also shot in Lebanon! Now the  sad bit.. The Islami...